सरवाईकल स्पॉनदिलोसिस / गर्दन संबंधी स्पोंडिलोसिस, कंधे की अकड़न (फ्रोजेन शोल्डर), तंग कंधे, गर्दन दर्द और अस्थिसंधिशोथ (ओस्टेयोआर्थ्रिसथिस) से पीड़ित लोगो के लिए एक अच्छी खबर! आप मेरी आने वाली वीडियो की पाँच दिन की श्रृंखला को देखे जो सरवाईकल स्पॉनदिलोसिस और उसके सरल उपचार को बतातीं है। इनका अभ्यास करें और स्थायी समस्याओं से राहत महसूस करें। इस श्रंखला में ‘हुक्ड फिंगर्स’ (जुडी हुई उंगलियो) वाले स्ट्रेच को समझाया गया है जो बाहों और कन्धों को मज़बूती देता है।

उँगलियों को आपस में जोड़कर कोहनियां दूर करना

अपनी रीढ़ की हड्डीको निष्पक्ष (बिना किसी ओर झुकाव के) रखते हुए या तो खड़े हो जाएं या बैठे।

1. अपनी बाँहों को फैलाएं, कोहनी को मोड़ें और दाएं हाथ की उँगलियों को बाएं हाथ की उँगलियों से जोड़ें। इस प्रकार आप गणेश मुद्रा में आ जाएंगे।

2. जब आपकी पकड़ मज़बूत हो जाये तो अपनी कोहनियो को विपरीत दिशा में खीचें।

3. इससे आपकी छाती चौड़ी हो जाएगी और कंधे की हड्डीया एक दूसरे के पास आ जाएँगी।

4. कोहनी को अलग रखने के लिए आप जितना बल लगा सकते है उतना लगाएं।

5. आपको कन्धों के आसपास के क्षेत्र और ऊपरी बाँहों में सक्रियण (एक्टिवेशन) महसूस होगा। आप स्ट्रेचिंग कर रहे है और उस क्षेत्र को मज़बूत बना रहे है जो पोस्टुरल मिसलिग्न्मेंट की वजह से कमज़ोर हो जाता है।

अवधि

इसको एक दिन में तीन से पांच बार करें और धीरे-धीरे इसे बढाकर एक दिन में दस बार करें । हर एक मुद्रा में सामान्य श्वसन (ब्रीथिंग) के साथ कम से कम दस सेकंड के लिए रहे।

इसपर ध्यान दे

सांस को पकड़ें बिना जितना धीरे हो सकता है इसको करें । अपने सर को आगे न जाने दें । उसको गर्दन के साथ रखें वरना ये आपकी गर्दन में तनाव डालेगा।

ये वीडियो तंग कंधे, कमर की कमज़ोरी, दृढ़ स्तन आदि के लिए भी लाभदायक है। बल्कि जो हाथ के द्वारा बनायीं गयी मुद्रा है वो गणेश मुद्रा है और ये डर को दूर करने व आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए लाभदायक है। गणेश मुद्रा पंचमहाभूत से जुडी हुई है यानि अग्नि, जो पाचन और चयपचय (मेटाबोलिज्म)बढ़ाता है।

ध्यान रखें की हर एक रूटीन के साथ, जुडी हुई उँगलियों का स्थान बदलें (यदि पहले स्ट्रेच में बायां हाथ छाती के पास है, तो अगले स्ट्रेच में दायां हाथ छाती के पास होना चाहिए) ताकि खिचाव (स्ट्रेचिंग) के साथ बलकारक (स्ट्रेंग्थेनिंग) भी हो। हमारा कल का ब्लॉग जो की दूसरे रूटीन पर होगा उसे देखना न भूलें।

तीव्र परिणाम के लिए इनको ऊपर वालों के साथ मिलाकर कर सकते है:

1) स्ट्रेच 1: कोहनियों को एक दूसरे से दूर करें

2) स्ट्रेच 2: कोहनियो को एक तरफ से दूसरी तरफ लेजायें और उँगलियों को जुड़ा रखें

3) स्ट्रेच 3: जुडी हुई उँगलियों के साथ आगे और पीछे जाएं

4) स्ट्रेच 4: कोहनी ऊपर और निचे की तरफ इशारा करते हुए

5) बाहें अंदर और बाहर

6) बाहें ऊपर और निचे

7) पर्वतआसन

तुरंत सरवाईकल स्पॉनदिलोसिस से राहत दिलाता है, चाहे आप कही भी हो

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Shammi Gupta, founder of Shammi’s Yogalaya holds an MA in Yoga Shastra, is a certified Yogic Therapist and Naturopath, has completed an Advanced Yoga Course and holds a Diploma in Yoga Education from Mumbai University. She is a certified trainer from American College of Sports Medicine and holds an MBA in HR & MBA in Finance from The University of Akron, Ohio, USA. She conducts Health Awareness Workshops for Corporate, Yogasana Workshops for Athletes and Yoga Therapy Workshops on different medical issues for patients. Among the celebrities Shammi trains are eminent personalities from the film and television industry and corporate world.

 

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